पटना। मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से इस वर्ष एक बार फिर 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह 25 जून रविवार को पटना के बापू सभागार में होगा। वैसे जोड़े जो विवाह के लिए तैयार तो हैं पर स्थान और आर्थिक तंगी के कारण शादी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें समिति ने एक जगह देने का प्रयास किया है। सभी रीति-रिवाजों के साथ ही यह अनोखा विवाह 25 जून को पटना के बापू सभागार में सम्पन्न होगा। समिति की ओर से नव विवाहित जोड़ों को गृहस्थी की जरूरत की सामग्री भी उपहार में मिलेगी। इस आदर्श विवाह में समाज के प्रबुद्ध और गणमान्य व्यक्ति नव विवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद देंगे। यदि आपकी नजर में भी कोई ऐसी जोड़ी हो जो आर्थिक तंगी के कारण शादी नही कर पा रहा है तो आप उनकी मदद कर सकते हैं। उनके सम्पूर्ण विवरण के साथ 9308393446/9430061498 पर जानकारी दे सकते हैं।
अखबार में छपी खबर से हुई इतने बड़े कार्यक्रम की शुरुआत
समिति की ओर से वर्ष 2010 से प्रारंभ, अब तक कुल 488 शादियां सफलतापूर्वक कराई जा चुकी हैं। वर्ष 2009 में अखबार में एक खबर छपी थी, जिसमें बताया कि गया था राजापाकर वैशाली में अगलगी के कारण कुछ परिवारों का सारा सामान जल गया था और उस दौरान उनकी बेटियों की शादी थी। इस वजह से उनकी बेटियों की शादी टूटने के कगार पर आ गयी थी। तब समिति के कुछ साथियों ने मां वैष्णो देवी सेवा समिति संस्था के तहत उन परिवारों की बेटियों की शादी का खर्च उठाने की ठानी। तभी से समिति ने तय किया कि समिति हर साल ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लड़के और लड़कियों की शादी अपने खर्चें पर करवाएगी। इस तरह से कार्यक्रम एक विवाह ऐसा भी की शुरुआत हुई। समिति ने 2010 से 2019 तक लगातार 10 वर्षों तक शादियां कराईं। कोरोना के कारण पिछले तीन वर्ष आयोजन नहीं हो सके। इस वर्ष समिति 11वीं बार एक विवाह ऐसा भी का आयोजन करने जा रही है।
मस्कुलर डिस्ट्रोफी पीड़ितों के लिए उठाएंगे आवाज
मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से हर वर्ष एक विवाह ऐसा भी कार्यक्रम के दिन समाज के किसी खास परेशानी को फोकस कर उसके समाधान के लिए आवाज उठायी जाती है। इस कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शरीक होती हैं, इसलिए हम समाज के वैसे कुछ पीड़ित लोगों को अपने इस मंच पर बुलाते हैं ताकि उनको मंच के माध्यम से सरकार या अन्य लोगों द्वारा सहयोग मिल सके। पिछले कुछ सालों में हमने एसिड अटैक पीड़ित, आई डोनेशन, भ्रूण हत्या,कैंसर ,थैलीसीमिया जैसी थीम पर फोकस कर असहाय लोगों को अपनी बात रखने का प्लेटफॉर्म दिया है।
इसलिए पड़ी जरूरत
एक पिता के लिए अपनी बेटी की शादी करना बहुत बड़ा सपना होता है लेकिन कई बार पैसे के अभाव में वे या तो उनकी बेटी की शादी टूट जाती है या शादी में काफी अड़चनें आती हैं। ऐसे ही आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों लिए खास अवसर है एक विवाह ऐसा भी कार्यक्रम। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर 51 जोड़ों का विवाह एक मंडप में एक साथ होता है। बैंड-बाजे के साथ 51 दूल्हों की बारात निकाली जाती और फिर सभी लड़का-लड़की फेरे लेकर परिणय सूत्र में बंध जाते हैं।
निःशुल्क होता है रजिस्ट्रेशन
शादी के लिए रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क होता है। इसके लिए वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष और वधु की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। इससे संबंधित प्रमाणपत्र भी समिति द्वारा लिया जाता है। इस वर्ष रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि पांच मई 2023 है। रजिस्ट्रेशन के बाद वर-वधु और उनके परिवार को पटना बुलाया जाएगा और वहां उनसे शादी के लिए अंतिम सहमति ली जाएगी। इस दौरान वर और वधु के परिवार वालों से पूछा जाएगा कि दोनों पक्ष यह शादी आपसी सहमति से कर रहे हैं। साथ ही वर-वधु की भी सहमति ली जाएगी। 25 जून को शादी के दिन 51 चयनित जोड़े 10-10 रिश्तेदारों के साथ महाराण प्रताप भवन में पहुंचेंगे। यहीं से शादी के दिन की सारी रस्में पूरी कर शाम 4 बजे एक साथ 51 दूल्हों की बारात निकाली जाएगी। इस दौरान यहां पर उनके लिए सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना व शादी की रस्मों के लिए अन्य इंतजाम समिति की ओर से किए जाएंगे।
बापू सभागार हॉल में शादी होगी।
नवविवाहित जोड़ों को दिए जाएंगे खास उपहार
शादी के बाद सभी नवविवाहित जोड़ों को मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से बतौर उपहार एक साइकिल, एक सिलाई मशीन, एक सेट बर्तन और 15 दिन का राशन भी दिया जाएगा। इस उपहार को देने का हमारा उद्देश्य यह है कि साइकिल से पति कमाने जाए और सिलाई मशीन से पत्नी घर पर कुछ काम कर सके। वहीं बर्तन सेट और 15 दिनों का राशन इसलिए दिया जाता है कि नवविवाहित जोड़े को शादी के बाद तुरंत खाना की समस्या न हो।
488 शादियां हैं सफल
विवाह के पश्चात भी समय-समय पर समिति की ओर से विवाहित जोड़ों की सहायता की जाती है। वहीं उनमें किसी तरह का तनाव होने पर उनकी काउंसिलिंग भी की जाती है ताकि उनका दांपत्य जीवन सही तरीके से चल सके। यही कारण है कि समिति ने पिछले साल जब सर्वे कराया था तो पाया कि अभी तक इस कार्यक्रम के तहत कराई गई कुल 488 शादियां सफल हैं। सिर्फ एक शादी किसी कारणवश टूट गयी।
घर बैठे लाइव देख सकेंगे
एक विवाह ऐसा भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में करीब 5000 लोग शरीक होते हैं। इसको लोग समिति की वेबसाइट पर जाकर घर बैठे लाइव देख सकते हैं।





