पटना। विश्व मोटापा दिवस पर डीएसके डायबेसिटी केयर ट्रस्ट की ओर से एक मेगा मोटापा जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य मोटापे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नि:शुल्क चिकित्सा जांच के माध्यम से लोगों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अवगत कराना था।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध मधुमेह चिकित्सक डॉ. सुभाष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जो कई बीमारियों का प्रमुख कारक है। उन्होंने बताया कि गलत खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित जीवनशैली मोटापे को बढ़ावा देते हैं। यह न केवल मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों जैसी बीमारियों को जन्म देता है, बल्कि कैंसर, किडनी रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का भी कारण बन सकता है। ऐसे में लोगों को समय रहते जागरूक करना और उनके स्वास्थ्य की जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श
इस शिविर में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिन्हें नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी गई। इन जांचों में एचबीए1सी, थायराइड परीक्षण, शरीर में वसा संरचना विश्लेषण और रक्त शर्करा परीक्षण शामिल थे। इन परीक्षणों से लोगों को अपने स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिली, जिससे वे आवश्यक निवारक उपाय कर सकें। शिविर में आए लोगों को पोषण और आहार संबंधी परामर्श भी दिया गया। डाइटीशियन सुमिता कुमारी ने बताया कि संतुलित आहार और नियमित व्यायाम मोटापे को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों को प्राकृतिक और पोषणयुक्त आहार अपनाने की सलाह दी, जिससे शरीर स्वस्थ रह सके और मोटापे से बचाव हो। उन्होंने बताया कि अधिक तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड के सेवन से बचना चाहिए, साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और नींद का सही समय निर्धारित करना भी आवश्यक है।
सामाजिक पहल और जन-जागरूकता
डीएसके डायबेसिटी केयर ट्रस्ट के अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि यह ट्रस्ट निरंतर मोटापा और संबंधित बीमारियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाता है। उनका मिशन लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें मुफ्त स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श के माध्यम से सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि मोटापा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक चुनौती बन चुका है, जिसे मिलकर समाधान निकालने की जरूरत है।
शिविर के सफल आयोजन में सहयोगियों की भूमिका
शिविर के सफल आयोजन में डीएसके डायबेसिटी केयर ट्रस्ट की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर जितेंद्र, डाइटीशियन सुमिता कुमारी, अमित तिवारी, मुकेश शर्मा, चंदन कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया। शिविर में आए प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और इसे बेहद उपयोगी बताया। कई लोगों ने इसे अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर माना और स्वस्थ जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
लोगों ने कहा कि विश्व मोटापा दिवस पर आयोजित यह जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिससे लोगों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिली, बल्कि उन्होंने अपने शरीर की जांच कराकर उचित चिकित्सा परामर्श भी प्राप्त किया। यह पहल समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और मोटापा प्रबंधन को लेकर जागरूकता फैलाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। डीएसके डायबेसिटी केयर ट्रस्ट आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और एक स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन जी सकें।
मोटापा नियंत्रण के उपाय और सुझाव
डॉ. सुभाष कुमार ने बताया कि मोटापे से बचने और इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय अपनाए जा सकते हैं।
नियमित व्यायाम करें : हर दिन कम से कम 30-45 मिनट की शारीरिक गतिविधि करें। तेज चलना, दौड़ना, योग और साइकिल चलाना फायदेमंद होता है।
स्वस्थ आहार लें : हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। तले-भुने और जंक फूड से बचें।
पर्याप्त नींद लें : प्रतिदिन 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें, जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म सही तरीके से काम करे।
तनाव प्रबंधन : ध्यान (मेडिटेशन) और योग अपनाएं, जिससे मानसिक शांति बनी रहे और भावनात्मक खानपान (इमोशनल ईटिंग) से बचा जा सके।
शुगर और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित सेवन : अत्यधिक चीनी और मैदा के उत्पादों से परहेज करें। इनसे शरीर में अतिरिक्त चर्बी बढ़ती है।
