पटना। श्री शक्तिधाम सेवा न्यास बैंक रोड पटना में जारी पांच दिवसीय श्याम फाल्गुन महोत्सव के तीसरे दिन 10 मार्च को सुबह 10 बजे से अखंड ज्योति पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री श्यामजी की विशेष सजावट की गई। इससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में रमा नजर आया।
मुख्य संस्थापक अमर कुमार अग्रवाल ने बताया कि अर्चना टिबरेवाल एवं अंजू टेकरीवाल के नेतृत्व में आयोजित इस अखंड ज्योति पाठ में सैकड़ों महिलाओं ने लाल और पीली साड़ी में सजकर सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किया। इस दिव्य आयोजन की शुरुआत गणेश स्तुति से हुई, जिसके बाद भक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव से अखंड पाठ में भाग लिया। प्रातः 10 बजे से ही श्री श्याम जी की विशेष आराधना प्रारंभ हुई। महिलाओं की मधुर भजन संध्या से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
इन भजनों की रही गूंज
विनती थांसू गणपति, करों सकल नरनार, बेगा आओ आंगण, सज्यो श्याम दरबार
सबे सहायक सबल के, कोई न निर्बल सहाय, पवन जगावत आग को, दीप ही देत बुझाय,
श्याम धणी को दरबार सज्यो है, सब कोई दर्शन करल्यो जी, प्रेम से झोली भरल्यो जी…।
भक्तों की श्रद्धा और समर्पण के बीच संध्या में अखंड पाठ की समाप्ति के बाद श्री श्याम प्रभु की विशेष आरती संपन्न हुई। तत्पश्चात सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
रात्रि जागरण का आयोजन
महोत्सव की भव्यता को और बढ़ाते हुए रात 9:30 बजे से प्रातः 5 बजे तक श्री श्याम मंडल के सदस्यों की ओर से रात्रि जागरण का विशेष आयोजन किया जाएगा। इसमें श्याम भक्त विभिन्न भजनों के माध्यम से प्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे।
महिला मंडल का विशेष योगदान
इस आयोजन में शकुंतला अग्रवाल, रेखा मोदी, चंदा पोद्दार, सरिता बंका, सरोज बंका, संगीता गोयल समेत कई महिला भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके द्वारा गाए गए भजन और कीर्तन ने पूरे माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
भक्तों की भारी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर अमर अग्रवाल, ओम प्रकाश पोद्दार, रमेश मोदी, शंकर शर्मा, नरेंद्र शर्मा, अक्षय अग्रवाल, जेपी तोदी (महोत्सव संयोजक), निर्मल अग्रवाल, विवेक शर्मा, सतीश अग्रवाल, ललन लाठ, गौरव शर्मा, अजय शर्मा, सुरेश झुनझुनवाला, मुन्ना अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने मिलकर इस दिव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। श्याम फाल्गुन महोत्सव का यह आयोजन भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का अनूठा संगम बना। भक्तों की अपार श्रद्धा और भजन-कीर्तन से वातावरण गूंजायमान हो उठा, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।
