पटना। छात्र ऑस्कर पुरस्कार के लिए पूरे विश्व से 2440 लघु फिल्मों का अवलोकन कर 16 फिल्मों को सेमी-फाइनलिस्ट नामित किया गया है, जिसमें बिहार के वैशाली जिले के निवासी फिल्मकार रंजन उमा कृष्ण कुमार की फिल्म ‘चंपारण मटन’ ने अपनी जगह बना ली है। बिहार के प्रतिभाशाली फिल्मकार रंजन कुमार द्वारा निर्देशित एक असाधारण लघु फिल्म ‘चंपारण मटन’ की मनोरम रचना ने प्रतिष्ठित छात्र ऑस्कर पुरस्कारों के लिए सेमी-फाइनलिस्ट के रूप में चुने जाने का प्रतिष्ठित गौरव अर्जित किया है। एक उपलब्धि जो फिल्म निर्माता की कलात्मक प्रतिभा और कहानी कहने की क्षमता के बारे में बहत कुछ बताती है।

लेखक व निर्देशक रंजन कुमार बिहार के रहने वाले एक प्रशंसित फिल्मकार हैं। कहानी कहने के अटूट जुनून के साथ, उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से बिहार की विविध सुंदरता को प्रदर्शित करने के मिशन पर काम शुरू किया है। ‘चंपारण मटन’ उनकी कलात्मक इशष्टि और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
फिल्म का सारांश
चंपारण मटन’ एक मार्मिक कथा है जो बिहार के सुरम्य चंपारण क्षेत्र में घटित होती है। फिल्म चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपने पात्रों के संघर्ष, आकांक्षाओं और इढ़ संकल्प की शक्ति को चित्रित करते हुए उनके जीवन की पड़ताल करती है। एक समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित, यह लचीलापन, आशा और मानव हृदय की अदम्य भावना के विषयों पर प्रकाश डालता हैं।
लेखक व निर्देशक रंजन कुमार ने बताया कि ‘छात्र ऑस्कर’ के लिए सेमीफाइनलिस्ट के रूप में ‘चंपारण मटन’ को चुने जाने पर हम रोमांचित हैं। यह सम्मान हमारी पूरी टीम के समर्पित प्रयासों का प्रमाण है और हम अपनी फिल्म को छात्रों के साथ साझा करने के लिए उत्साहित हैं।
सेंट जेवियर कॉलेज में हुआ विशेष स्क्रीनिंग

पटना के दीघा में प्रसिद्ध संत ज़ेवियर कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की विभागाध्यक्ष प्रिय मनीष कुमार द्वारा आयोजित बैचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के छात्रों के बीच फ़िल्म का विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। यह स्क्रीनिंग बिहार की उभरती फिल्म निर्माण प्रतिभा का जश्न था और सिनेप्रेमियों के लिए एक ऐसे सिनेमाई रत्न को देखने का अवसर था जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ता है।
निर्देशक की रचनात्मकता और कहानी कहने के जुनून ने इस शक्तिशाली फिल्म में जान फूंक दी है, जिसने दर्शकों और आलोचकों के दिलों को समान रूप से छू लिया है।
विद्यार्थियों ने फिल्म देखने के बाद फिल्म के निर्देशक जो FTII के छात्र हैं, उनसे परिचर्चा की और फिल्म बनाने के गुर सीखे। इस कार्यक्रम के मदद से फ़िल्म के छेत्र में छात्रों के करियर के बारे में बताते हुए उनकी रुचि को बढ़ाया गया। फ़िल्म देखने के बाद छात्रों में बहुत उत्साह देखने को मिला। एक फ़िल्म को बनाने में कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ये सारी बाते फ़िल्म के निर्देशक रंजन उमकृष्ण कुमार ने छात्रों के बीच रखी।

इस अवसर पर फादर सेबेस्टियन एसजे, फादर प्रेमलाल एसजे फादर डॉ शैरी जॉर्ज एसजे, कॉलेज के प्राधानाचार्य फादर डॉ मार्टीन पोरस एसजे, उपप्रधानाचार्य फादर डॉ सुशील बिलुंग एसजे, श्री अभिषेक आनंद, श्री विकास कुमार, श्री मनोज कुमार दासऔर विभाग के सारे विद्यार्थी उपस्थित थे।
फ़िल्म कास्ट और क्रू सदस्य
लेखन और निर्देशन: रंजन कुमार
सिनेमैटोग्राफी: आदिथ वी सैथविन
प्रोडक्शन डिजाइन: मीनाक्षी श्रीवास्तव
ध्वनि और संगीत: शुभम दिलीप घाटगे
संपादन: वैष्णवी कृष्णन
कलाकार: चंदन रॉय, फलक खान, अमन झा, मीरा झा।

