महामहिम राष्ट्रपति ने जताया शोक
सम्यक न्यूज़, पटना.
जैन श्वेताम्बर तेरा पंथ की साध्वी प्रमुखा साध्वी श्री कनकप्रभा जी का पिछले दिनों महाप्रयाण हो गया. वे कैंसर रोग से पीड़ित थीं. तेरा पंथ से जुड़े श्रद्धालु उन्हें भावपूर्वक “शासन माता” से संबोधित करते थे. भारत के राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद ने उनके महाप्रयाण पर शोक संवेदना व्यक्त की है.

पंथ से जुड़े तनसुखलालजी बैद ने बताया कि “शासन माता” जी अंतिम समय तक संयम एवं समता की साधना में जुड़ी रहीं। अंत मे संथारा (अन्न, जल के पूर्णतया त्याग) कर अपने चरम लक्ष्य को प्राप्त किया। उनके महाप्रयाण से एक हरा-भरा सुन्दर उपवन उजाड़ गया. पटना में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने साध्वी प्रमुखा की स्मृति सभा मे एक कविता के माध्यम से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये. –

शासन माता शत शत वंदन,
देखी तुझमें वह शीतलता, जैसे शीतल होता चंदन ।
आध्यात्म भाव से ओत प्रोत, फूटा समता का नया श्रोत,
ना देखा सघन वेदना में चंचल चितवन कोई क्रंदन ।
शासन माता शत….
लाखों लाखों की थी माता, कितनों की जीवन निर्माता,
स्नेहिल भावों से हरा भरा जैसे कोई सुंदर उपवन ।
शासन माता शत….
साध्वी प्रमुख के महाप्रयाण पर भारत के राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद ने दुःख प्रकट किया. जैन श्वेताम्बर तेरा पंथ धर्म संघ के अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी को भेजे शोक सन्देश में महामहिम ने कहा कि साध्वी कनक प्रभाजी ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे अध्यात्म, दर्शन और साहित्य में सराहनीय योगदान दिया. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा और उत्थान के लिए अर्पित कर दिया. “शासन माता” जी की स्मृति सभा में तनसुखलालजी बैद, प्रदीप जैन,
उम्मेदजी बैद, वि जय बोथरा, मनोज बेंगाणी, सरिता बैद समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.
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