जैन धर्मावलम्बियों का पाकिस्तान जाना अधर में

24 घंटे में गृह मंत्रालय की अनुमति नहीं मिली तो रविवार को निरस्त हो जायेगा वीजा

सम्यक न्यूज़, पटना

भारत के जैन धर्मावलम्बियों का पाकिस्तान दौरा लटक सकता है. यहाँ का 22 सदस्यीय दल पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर में स्थित एक प्राचीन जैन मंदिर का दर्शन करने वहां जाना चाहता है लेकिन अभी तक उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति नहीं मिली है. दल के सदस्यों का पाकिस्तान जाने का वीजा वहां से 21 फरवरी को ही मिल चुका है जो रविवार सात मार्च तक ही मान्य है.

समाचार पात्र ”THE HINDU” में छपी खबर के अनुसार जालंधर स्थित वर्ल्ड जैन -मुस्लिम इंटरफेथ हारमनी कौंसिल के सक्रिय कार्यकर्ता सुनील जैन के नेतृत्व में जैन धर्मावलम्बियों के दल को लाहौर जाने के लिए पाकिस्तान सरकार से 21 फरवरी को ही वीजा मिल चुका है. अब भारत के गृह मंत्रालय की अनुमति का इंतज़ार है. वीजा की समयावधि रविवार सात मार्च को ही समाप्त हो रही है.

श्री जैन के अनुसार दल के सदस्यों में दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोग हैं. ये सभी भारत के बाघा-अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर में स्थित एक प्राचीन जैन मंदिर का दर्शन करना चाहते हैं जिसका पुनरुद्धार वहां की सरकार ने कराया है. श्री जैन ने कहा कि हालाँकि अब पाकिस्तान में कोई जैन परिवार नहीं रहता है, इसके बावजूद विभाजन के पूर्व सियालकोट में अपने पूर्वजों की निशानी देखने वे 2006 में पाकिस्तान जा चुके हैं . एक बार फिर जैन अनुयायी वहां के एकमात्र जैन श्रध्दास्थल देखने गुजरांवाला जाना चाहते हैं. अगर भारत सरकार की अनुमति नहीं मिली तो दल को संयुक्त अरब अमीरात या क़तर के रास्ते पाकिस्तान जाना होगा जो न सिर्फ खर्चीला अपितु परेशानी भरा भी होगा.

श्री जैन ने भारत सरकार से अपील की है कि जब मानवीय आधार पर पाकिस्तान होकर अफगानिस्तान को गेंहू भेजा जा सकता है तो जैन धर्मावलम्बियों को भी एकबार वहां जाने की अनुमति दे.

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Author: undekhilive

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