Book : व्यक्ति पूजा नहीं, गुणों को अपनाने पर जोर देती अर्हत वंदना

तनसुख बैद कई पुस्तकें लिख चुकें हैं। उनकी नई पुस्तक का नाम है अर्हत वंदना। पुस्तक में विशिष्ट आत्माओं को नमस्कार करते हुए गुणों के स्मरण पर जोर दिया गया है, ताकि उन गुणों को हम भी अपनाएं।

तनसुख बैद की नई पुस्तक का नाम है अर्हत वंदना। पुस्तक की खासियत यह है कि इसमें हर सूत्र के बाद लेखक ने न सिर्फ इसका महत्व बताया है, बल्कि यह स्थापित करने की कोशिश की है कि इन गुणों से आप भी संपन्न बन सकते हैं। अर्हत वंदना में विद्या, धन, यश या वैभव की मांग नहीं की जाती, बल्कि अर्हत वंदना में विशिष्ट आत्माओं की स्तुति की जाती है। जैसे साधु संगति से आदमी के जीवन में अच्छे विचार का प्रवेश होता है, फिर उसका व्यवहार बदलता है। उसी तरह अर्हत वंदना भी सुंदर विचारों को आत्मसात करते हुए सुंदर आचरण अपनाने को प्रेरित करता है।

पुस्तक में 24 सूत्रों का न सिर्फ अर्थ बताया गया है, बल्कि तनसुख बैद ने इसे अपने अनुभव के साथ पाठकों के सामने रखा है, जिससे इन सूत्रों के महत्व को समझना आसान हो जाता है।

पहला सूत्र है-णमो अरहंताणं। तनसुख बैद कवि भी हैं। पहले उन्होंने इस सूत्र को कविता के जरिये समझाने की कोशिश की है। लिखते हैं-

अतिशय के महासिंधु में ना दिखती कोई दरार है,

उस अतिशय को नमस्कार है।

नमास्कर उस महासत्य को ना जिसमें कोई मलीनता,

नमस्कार उस महासत्य को जिसमें बसती नहीं दीनता।

पुस्तक में हर सूत्र को हिंदी कविता, फिर अपने अनुभवों के आधार पर विश्लेषण के बाद अंगेर्जी में भी समझाया गया है। इससे पुस्तक की उपयोगिता बढ़ जाती है।

पुस्तक जैन धर्मावलंबियों के अलावा गैर जौनियों के लिए भी उपयोगी है। बल्कि उनके लिए ज्यादा उपयोगी है। इस तरह यह पुस्तक भगवान महावीर सहित सभी तीर्थंकरों, सिद्धों, आचार्यों के वचनों को पढ़ने-समझने के प्रति इच्छा भी पैदा करती है। पुस्तक के अंतिम भाग में सभी 24 तीर्थंकरों की जानकारी कविता के माध्यम से दी गई है। पुस्तक की प्रकाशक सुशीला बैद हैं। पुस्तक की कोई कीमत नहीं रखी गई है। स्पष्ट है कि पुस्तक को प्रकाशित करने का उद्देश्य अर्हत वंदना को जन-जन तक पहुंचाना ही है। प्रयास अच्छा है। उम्मीद है उनका यह प्रयास लोगों के जीवन में सत्य का प्रकाश लाएगा।

आज इस पुस्तक का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है कि क्योंकि समाज में गुणों के बदले व्यक्ति पूजा ज्यादा हो रही है।

 

   वनबन्धु परिषद महिला समिति का राष्ट्रीय अधिवेशन ऋषिकेश में

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Author: undekhilive

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