विश्व शांति महायज्ञ के साथ तीन दिवसीय जैन चैत्यालय कार्यक्रम का समापन

मीठापुर दिगम्बर जैन मंदिर का जीर्णोद्धार आचार्य शिरोमणि  श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के शुभ आशीष से परम तपस्वी संत  पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के निर्देशन में चल रहा है।

मौके पर भोपाल से पधारे बाल ब्रह्मचारी सुमत भैया ने बताया कि नए चैत्यालय निर्माण के तीसरे एवं अंतिम दिन आज पुराने मंदिर में हवन आहुति दी गई।

मीठापुर दिगंबर जैन मंदिर का नए रूप में निर्माण करने के लिए पुराने मंदिर की स्थापन करके अस्थाई नवीन मंदिर में अस्थाई नवीन वेदिका पर पुरानी मंदिर की सभी भगवान की प्रतिमा को विराजमान किया गया। मौके पर सवा लाख से ज्यादा शांति मंत्र का जाप किया गया।  साथ ही शांति विधान एवं याज्ञ महामंडल विधान किया गया। पूरी समाज ने तन मन धन से समर्पित होकर के नई मंदिर के निर्माण के लिए अपना योगदान दिया।  नए मंदिर का निर्माण के बाद उसका भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न किया जाएगा।

मंदिर में भगवन कि आरती करते श्रद्धालुगण

 मंदिर में भगवान जी को विराजमान कर यहां पर  ग्रह की शांति धारा की गई और भगवान जी को विधि विधान पूर्वक मंत्रोचार के साथ में विराजमान किया गया। आज आचार्य शिरोमणि  श्री विद्यासागर जी महामुनिराज की कि फोटो फ्रेम को नए चैत्यालय मेस्थापित करने का सौभाग्य डॉ गीता जैन एवं एम् पी जैन को हुआ.

मंदिर में भगवान् की प्रतिमा को स्थापित करते श्रद्धालु

उसके पश्चात विश्व शांति महायज्ञ संपन्न हुआ और विश्व शांति महायज्ञ के साथ ही इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे जैन समाज ने बहुत अच्छा धर्म लाभ लिया। भैया जी ने कहा कि मीठापुर में एक ऐसा अद्वितीय मंदिर का निर्माण होने जा रहा है जो कि आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर के रूप में होगा। आगे आने वाली पीढ़ी यहाँ पर धर्म लाभ प्राप्त करेंगे। भगवान के दर्शन करके अपना कल्याण करेंगें जिससे  मानव जीवन सफल होगा।

एम पी जैन ने बताया कि आज के कार्यक्रम में अध्यक्ष विजय जैन कासलीवाल, नरेन्द्र गंगवाल, प्रदीप छाबड़ा जैन, विजय काला जैन, राजू पाटनी, कमल छाबड़ा, बिमल विनायका, गोपाल पाटनी, ओम टोंग्या जैन, सुनील बड़जात्या, निर्मल सेठी, अजय पाटनी, दीपक  कासलीवाल, ममता छाबड़ा, नीतू छाबड़ा, ममता बड़जात्या, पिंकी काला,   सुनीता पहाड़िया, सोमा कासलीवाल, मोना बाकलीवाल जैन,  उर्मिला कासलीवाल, सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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Author: undekhilive

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