डीएनएस क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान पटना में इफको द्वारा सीएससी संचालित एफपीओ के लिए नैनो यूरिया (तरल) आधारित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें सौ से अधिक सीएससी एफपीओ मौजूद रहे।
इसमें सीएससी बिहार के असिस्टेंट जनरल मैनेजर मुदित मणि और इफको अधिकारियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इफको के राज्य विपणन प्रबंधक सोमेश्वर सिंह ने इफको, इफको उत्पाद और नैनो यूरिया के महत्व के साथ संतुलित उर्वरक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उप महाप्रबंधक इफको वाईपी सिंह ने चालू खरीफ मौसम में उर्वरकों की उपलब्धता के बारे मे जानकारी दी। क्षेत्राधिकारी गया दिलीप कुमार ने इफको के विभिन्न उत्पादों के बारे में बताया। इसमें नैनो यूरिया प्रयोग से फसल की गुणवत्ता और उपज में वृद्धि के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया की 500 रुपये की एक बोतल परंपरागत रूप से प्रयोग की जाने वाली एक बोरी यूरिया के बराबर काम करती है। 400 एमएल प्रति लीटर पानी के साथ घोल बनाकर खड़ी फसल में 30-40 दिन की अवस्था पर दो बार छिड़काव करने पर परंपरागत यूरिया से बेहतर उपज ली जा सकती है।

असिस्टेंट जनरल मैनेजर मुदित मणि ने फसलों में लगने वाली बीमारियों और कीटों से बचाव के बारे में आवश्यक सुझाव दिये। कहा कि फसल और पर्यावरण सुरक्षा के लिए नैनो यूरिया वरदान है। उन्होंने एफपीओ के अवसर और इफको के साथ समन्वय पर भी चर्चा की। इसके साथ ही सीएससी के महत्व और कार्यों को विस्तार से बताया। डीएनएस क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान के निदेशक डॉ. केपी रंजन सिंह ने भी जरूरी बातें साझा कीं। इस अवसर पर एफपीओ संचालकों को लाइसेंस आवेदन के लिए भी दिये गये।
क्षेत्र अधिकारी इफको पटना रितेश कुमार सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।





