कलियुग के “हनुमान” कुलपति छह महीने से गायब !  

तिलकामांझी भागलपुर विश्विद्यालय में ढोल पीटकर ढूंढा गया

सम्यक न्यूज़, पटना.

श्री रामचरितमानस के लंका कांड में जब श्री लक्ष्मण जी को शक्ति बाण लगा तो श्री हनुमानजी ने दुर्गम पहाड़ों से खोजकर “संजीवनी बूटी” लायी जिससे श्री लक्ष्मण जी की जान बची. ये त्रेता युग की बात थी. अब कलियुग है जहाँ    श्री हनुमानजी ही गायब हो जा रहे हैं. मामला तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के प्रभारी कुलपति हनुमान पांडे जी का है जो बीते 6 माह से कार्यालय नहीं आ रहे हैं. वे गायब हैं. उन्हीं ढोल बजाकर खोजा जा रहा है. लगभग साल भर से यूनिवर्सिटी में कोई स्थायी कुलपति भी नहीं हैं. विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों ने ढोल बजाकर प्रभारी कुलपति हुनमान पांडे को ढूंढा और कुलपति को ढूंढकर लाने पर इनाम देने की भी बात कही. कुलपति की अनुपस्थिति में छात्रों व शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल सारा मामला अतिथि शिक्षक की बहाली को लेकर फंसा हुआ है. इंटरव्यू की विषयवार तिथि घोषित करने की मांग पूरी होने पर संघर्षशील अतिथि शिक्षक अभ्यर्थी संघ का 20वें दिन सोमवार को धरना तो खत्म हो गया, मगर इससे पहले संघ के प्रभारी ने कुलपति तलाश अभियान के तहत विश्विद्यालय के प्रशासनिक भवन में ढोल नगाड़ा बजाया और सभी विभागों में तलाश अभियान चलाया गया. संघ ने कहा कि कुलपति को जो तलाश कर लायेगा. उसे पुरस्कार दिया जायेगा. संघ के अध्यक्ष डॉ कपिलदेव मंडल, सचिव डॉ अमलेन्दु अंजान व डॉ सौरभ कुमार झा ने कहा कि प्रभारी कुलपति टीएमबीयू में छह माह से नहीं आये हैं. छात्रों को डिग्री नहीं मिल पा रही है. शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो रहा है. विवि में अराजकता की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में संघ वि.वि में उग्र आंदोलन करेगा. मौके पर डॉ. रोहित मिश्रा, डॉ धमेंद्र, डॉ प्रकाश, डॉ वसी हैदर, डॉ विश्वनाथ मिश्र, डॉ आलोक वर्धन, डॉ मीरा कुमारी, डॉ अमित कुमार आदि उपस्थित थे. उधर, टीएमबीयू के कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर उनका संयम आखिरकार सोमवार को टूट गया. गुस्साये कर्मचारियों ने वि.वि में हंगामा किया. प्रशासनिक भवन के सारे कार्यालय को बंद करा दिया. विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रो.वीसी का उनके कार्यालय में घेराव किया. करीब दो घंटे तक वि.वि का कामकाज पूरी तरह ठप रहा. प्रोवीसी प्रो रमेश कुमार ने कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया. आश्वासन दिया कि मंगलवार तक वेतन संबंधित सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. बुधवार को तीन माह का वेतन सभी के खाता में पहुंच जायेगा. इसके बाद कर्मचारियों का गुस्सा शांत हुआ. अपने-अपने कार्यालय में काम पर लौट गये.

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Author: undekhilive

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