दो साल बाद इस बार सावन का अंदाज निराला होने वाला है। इस माह 14 जुलाई से देवघर में श्रावणी मेले की शुरुआत हो रही है। सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ तैयार हो रहा है। भोले के भक्तों में भी उत्साह है।
कोरोना संकट के बाद छंटने के बाद इस बार दुनिया के सबसे लंबे श्रावणी मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से झारखंड के देवघर तक कांवरिया पथ जोर-शोर से तैयार किया जा रहा है। सुल्तानगंज से देवघर के बीच पहले की भांति रौनक बढ़ने लगी है। कांवरिया पथ पर जगह-जगह शिविर, दुकानें और सेवा पंडाल आकार लेने लगे हैं। जगह-जगह शौचालय, पीने के पानी समेत अन्य सुविधाएं बहाल की जा रही है। सावन मेले की शुरुआत इस महीने 14 जुलाई से होगी, मगर कांवरियों का पहला जत्था 10 जुलाई से ही रवाना हो जाएगा।
सावन मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालु बाबा भोले का दर्शन करने आते हैं। महीने भर से अधिक समय तक देवघर के साथ ही पूरे देश में शिव दर्शन और पूजन की धूम रहती है। बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों में सावन महीने में खासा उत्साह रहता है। भोले भक्त भी देवघर आने की तैयारियों में जुट गए हैं।





