जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया गया

आज पटना के  कदमकुआं स्थित दिगम्बर जैन मंदिरमीठापुर, मुरादपुर सहित अन्य दिगम्बर जैन मंदिरों में जैन धर्म के जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया गया

 जैन समाज के एम पी जैन ने बताया कि प्रातः भगवान की प्रतिमा का जलाभिषेक कर शांतिधारा की गई। कांग्रेस मैदान स्थित मंदिर में शांतिधारा जिनेश जैन एवं पंकज पांड्या ने किया।  शांतिधारा के बाद भगवान की पूजा की गई। शांतिधारा के बाद भगवान पर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। आज की पूजा में दर्जनों की संख्या में महिलाओं एवं पुरषों ने भाग लिया। इसके साथ ही साथ सभी के  स्वास्थ्य और सम्पन्नता की कामना की गई।

मुरादपुर मंदिर में सुबोध जैन फंटी तथा अन्य ने  किया अभिषेक एवं पूजा किया।

     एम पी जैन ने बताया कि भगवान श्री विमलनाथ जी जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर हैं। प्रभु विमलनाथ जी का जन्म माघ मास के शुक्ल को भाद्रपद नक्षत्र में कम्पिला में हुआ। विमलनाथ जी के शरीर का रंग सुवर्ण (सुनहरा) और चिह्न शूकर था।

कालक्रम के अनुसार विमलनाथ जी ने राजपद का दायित्व भी निभाया। दीक्षावन में जामुन वृक्ष के नीचे तीन वर्ष तक ध्यानारूढ़ होकर भगवान, माघ शुक्ल षष्ठी के दिन केवली हो गये। अन्त में सम्मेद शिखर पर जाकर एक माह का योग निरोध कर आठ हजार छह सौ मुनियों के साथ आषाढ़ कृष्ण अष्टमी के दिन निर्वाण प्राप्त किया।

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Author: undekhilive

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