“महेश नवमी” के अवसर पर माहेश्वरी समाज ने मनाया स्थापना दिवस
“शिव हैं शक्ति, शिव हैं भक्ति शिव हैं मुक्तिधाम” सुनकर भक्ति गंगा में डूबे श्रद्धालु
सम्यक न्यूज़, पटना
माहेश्वरी समाज अपने वंश की उत्पत्ति भगवान शिव से मानता है. वही भगवान शिव जिन्होंने हलाहल पान कर उसे अपने कंठ में धारण कर नीलकंठेश्वर की उपाधि पाई और संसार की रक्षा की, उसी प्रकार माहेश्वरी समाज समस्त गरल का पान कर व्यवसाय के माध्यम से अहर्निश सेवा और भगवान शिव की आराधना में लगा हुआ है. माहेश्वरी समाज सेवा, परोपकार और राष्ट्रभक्ति का संगम है और यह मारवाड़ी समाज का दूसरा सबसे बड़ा घटक हैं। ये भले ही कम संख्या में हैं लेकिन देश और दुनिया में जहाँ भी बसे हुए हैं, वहाँ निपुणता के साथ अपना व्यवसाय करते हैं और पूरी निष्ठा के साथ सेवा एवं परोपकार के कार्य करते हैं। ये बातें आज बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष महेश जालान ने कहीं. वे माहेश्वरी समाज के वंशोत्पत्ति दिवस महेश नवमी के उपलक्ष्य में आज बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के सभागार में शिव भजन संध्या एवं सम्मान समारोह “सत्यम शिवम सुंदरम” में बोल रहे थे.

अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रादेशिक अध्यक्ष महेश जालान ने कहा कि प्रागैतिहासिक काल रहा हो या आजादी की लड़ाई – जयप्रकाश नारायण का संपूर्ण क्रांति आंदोलन हो या राम जन्मभूमि मुक्ति अभियान, माहेश्वरी समाज के लोगों ने हमेशा हर सामाजिक और राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। राजनीतिक क्षेत्र में भी समाज की काफी अच्छी पकड़ है। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला इसी समाज से आते हैं। देश के बड़े उद्योग समूह बियानी, काबरा, तापड़िया, लखोटिया आदि व्यावसायिक समूह उत्पादों को आम आदमी तक उपलब्ध करा कर भारी संख्या में रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं और सरकार को बड़ा राजस्व भी भुगतान करते हैं.

भजन संध्या में “सत्यम शिवम सुंदरम” श्रीमती रीमा सिंह और श्री बसंत थिरानी ने अपने सुमधुर भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. समाज के लोग उनके द्वारा गाये सुमधुर भजनों- “पार्वती बोली शंकर से सुनिए भोलेनाथ जी”, “शिव हैं भक्ति, शिव हैं शक्ति, शिव हैं मुक्तिधाम”, ऐसी सुबह न आये आये न ऐसी शाम जिस दिन जुबां पे मेरे आये न तेरा नाम” और सूरज जब पलके खोले मन नमः शिवाय बोले” पर झूमते रहे. भजन संगम में श्रोता मंत्रमुग्ध होकर भगवान शंकर का ध्यान भी करते रहे. इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री किशन लाल डागा ने माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव का वंशज होने के नाते यह समाज हर अच्छी और खराब स्थिति से कुशलतापूर्वक ताल-मेल बैठा लेता है। कठिन परिस्थितियों में भी धैर्यपूर्वक सही निर्णय लेने की क्षमता माहेश्वरी समाज की खूबी है। माहेश्वरी सभा पटना के अध्यक्ष शंकर लखोटिया जी ने मारवाड़ी सम्मेलन के द्वारा पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी कार्यक्रम हम लोग आपस में मिलजुल कर करेंगे। भजन संध्या में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया।
मारवाड़ी सम्मेलन के निवर्तमान अध्यक्ष बिनोद तोदी और जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इससे समग्र मारवाड़ी समाज की एकता और मजबूती का संदेश पूरे राज्य और राष्ट्र में जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान के लिए श्री विनोद थिरानी, श्री विनोद खटोड़, श्री किशन लाल डागा, श्री कमल नोपानी और श्रीमती रीमा सिंह को सम्मेलन के प्रादेशिक अध्यक्ष महेश जालान द्वारा सम्मानित किया गया।
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