बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ, का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज ऐक्टू राज्य कार्यालय में सम्पन्न हुई । मौके पर मुख्य वक्ता धीरेंद्र झा ने कहा कि रसोईयें शिक्षा विभाग की निबंधित कर्मचारी हैं। उन्हें न तो न्यूनतम मज़दूरी मिलती है न सम्मानजनक रोजगार है और न ही जीवन यापन लायक मानदेय मिलता है. रसोईया सुबह से लेकर शाम तक काम करती हैं लेकिन उनके साथ घोर अन्याय हो रहा है।
मौके पर ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने भी विचार व्यक्त किये.

प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते हुए शशि यादव ने किया.
मौके पर ऐक्टू महासचिव आर एन ठाकुर ने कहा कि श्रमिक का शोषण पूंजीपति हमेशा से करते आया है। मौजूदा सरकार चार श्रम कोड कानूनों के जरिए मजदूरों के विरोध में काम कर रही है। हमें आम जनता को सरकार की नीतियों के बारे में बताना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सोहिला गुप्ता व संचालन सरोज चौबे ने किया।
सांगठनिक सत्र को दिनेश कुशवाहा, परसशुराम पाठक, सावित्री देवी, किरन देवी, राखी मेहता , पूनम देवी, मुहम्मद हैदर ,विभा भारती आदि ने संबोधित किया।





