दुनिया में घटती जैव विविधता को रोकन की जरुरत- डॉ. गोपाल शर्मा

सम्यक न्यूज़, पटना- जैव विविधता को रोकने की जरुरत पर ‘जैव-विविधता, पोषण, सुरक्षा एवं मानव कल्याण’ विषय की एक कार्यशाला का आयोजन आज भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, पटना के कार्यालय किया गया.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय कुमार, सहायक निदेशक, पी.आई,बी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रलाय, भारत सरकार,पटना थेI कार्यशाला में पटना विश्व विद्यालय, पटना पटना विमेंस  कॉलेज, पटना एवं किलकारी के बच्चों ने भाग लियाI

    अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि दुनिया भर में जैव विविधता तेजी से घट रही है और जैव विविधता के नुकसान को रोकने के लक्ष्यों को अभी तक हासिल नहीं किया जा सका है। पिछले 20 वर्षों में वैश्विक जंगलों का 7% भाग नष्ट हो गया है। आज के तरह ही अगर मानव जनित घटनाएं होती रही तो कि 2070 तक 20% से अधिक प्रजातियाँ हमेशा के लिये विलुप्त हो सकती हैं. उन्होंने  कहा कि वर्तमान स्थिति से यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रकृति और मनुष्य के बीच संतुलन को सुधारना जलवायु परिवर्तन की गति को धीमा करने और भविष्य में होने वाले संक्रामक रोगों के प्रकोप को कम करने का एक तरीका है। जैव विविधता का संरक्षण सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय कल्याण हेतु आवश्यक है।

कार्यक्रम को करते हुऐ संबोधित मुख्य अतिथि संजय कुमार कहा कि आज के दौर में जैव-विविधता विषय पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि  ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के चलते पर्यावरण में विशेष बदलाव हुआ है और हो रहा है। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि आने वाले समय में पौधों और जानवरों के प्रजातियों में से 25 फीसदी विलुप्त अवस्था में है। कुमार कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए जानवरों का संरक्षण जरूरी है. आज हम अंजान बन हम पेड़ों को काट रहे हैं। जंगल को उजाड़ रहे हैं। जल स्रोतों का दोहन कर रहे हैं। ऐसे में जैव विविधता को खत्म करने में सब लगे हैं । 

अतिथि निशांत रंजन, अध्यक्ष पर्यावरण योद्धा पटना बिहार ने कहा कि जैव विविधता को बचाना हमारी प्राथमिकता है। अगर अभी नही संभले तो इसका परिणाम रुकना पड़ेगा।

    मौके पर आगत तिथियों एवं बहुत सारे छात्रों  ने अपने अपने विचार रखे। मौके पर विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए छात्रों को जैव विविधता को दर्शाते हुए प्रदर्शनी से अवगत कराया गया।

    मौके पर कार्यक्रम के दौरान डॉ गोपाल शर्मा ने विलुप्त होती गौरैया  पर संजय कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘अभी मैं जिंदा हूं गौरैया’  का विमोचन किया।

धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के वैज्ञानिक  मनीष कुमार पटेल किया।

*

undekhilive
Author: undekhilive

Leave a Comment