श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, के सभागार में फेसेस विरासत उत्सव 2022 का समापन ‘बिहार के विविध राग नामक कार्यक्रम के साथ हुआ. इसमें पटना के सात विद्यालयों ने लोक नृत्य और गीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और जज के रूप में प्रसिद्द विद्वान् और संस्कृति कर्मी शिवनारायण झा कुणाल उपस्थित थे। अतिथि के रूप में पटना संग्रहालय पटना के अपर निदेशक डॉ. विमल तिवारी, बुद्ध स्मृति उद्यान के डॉ. नीतू तिवारी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना सर्किल के डॉ. डी. एन. सिन्हा एवं फेसेस की अध्यक्ष डॉ. रूचि शरण और पर डॉ. कामेश्वर प्रसाद, पूर्व विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग पटना विश्वविद्यालय विशिष्ट अतिथि के रूप मेंउपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन श्री कुणाल ने किया. श्री कुणाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अनेक सांस्कृतिक परम्पराएँ तो नष्ट हो गयीं किन्तु आज की पीढ़ी को यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि हमारी संस्कृति और अधिक विलुप्त न हो। ऐसे कार्यक्रम का यही महत्व है।

कार्यक्रम के पारंपरिक नृत्य के वर्ग में: प्रथम पुरस्कार : डी. ए. वी. विद्यालय पटना, द्वितीय पुरस्कार: इंटरनेशनल स्कूल (ICSE), तृतीय पुरस्कार: संत करेंस स्कूल, पटना तथा सांत्वना पुरस्कार: मिलेनियम वर्ल्ड स्कूल ने प्राप्त किया.
कार्यक्रम के पारंपरिक गीत के वर्ग में: प्रथम पुरस्कार : डी. ए. वी. विद्यालय पटना, द्वितीय पुरस्कार: बी. डी. पब्लिक स्कूल, पटना (पूर्वी), तृतीय पुरस्कार: इंटरनेशनल स्कूल (सीबीएसई) तथा सांत्वना पुरस्कार: नोट्रे डेम अकैडमी ने प्राप्त किया.

विजेताओं को इस अवसर पर अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
और धन्यवाद ज्ञापन पटना संग्रहालय के अपर निदेशक डॉ. विमल तिवारी के द्वारा किया गया।
सभा का सञ्चालन फेसेस की महासचिव सुनिता भारती ने किया।





