परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज का आज सुबह सवा सात बजे मीठापुर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज ने सुबह छह बजे कदमकुंआ कांग्रेस मैदान के निकट स्थित जैन मंदिर से मीठापुर के लिए विहार किया। उनके साथ गाजे-बाजे और झांकियों के साथ पटना जैन समाज के श्रद्धालु भी विहार में शामिल थे। मुनिश्री के साथ मुनिश्री 108 अरह सागर जी महाराज भी थे।

मीठापुर जैन मंदिर में परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि राम को ठीक से समझिए। राम पिता के वचन की रक्षा के लिए वनवास गए। आज का राम होता तो क्या करता? वह पिता से दो-दो हाथ करके वहीं निबट लेता या अदालत में घसीटता। राम का वनवास पिता के प्रति समर्पण को दिखाता है। क्योंकि उनकी दृष्टि राम पर थी। दृष्टि लेकर चलिए। मैं सोचता हूं कि राम अगर वनवास नहीं जाते, तो अयोध्या के राजा बन जाते, पर जन-जन के दिल में नहीं बसते। सोचिए एक भाई अपने भाई के लिए क्या त्याग कर सकता है, पति पत्नी के लिए, पत्नी पति के लिए क्या त्याग कर सकता है। इस त्याग से ही जीवन में खुशहाली आएगी।
मुनि महाराज ने कहा कि 14 अप्रैल को महावीर जयंती के दिन प्रातः पटना सिटी पंचायती मंदिर से महावीर जन्म कल्याणक जुलूस निकल कर कंगन घाट स्थित पंच कल्याणक स्थल पर जाएगा। इसी दिन मुनि प्रमाण सागर जी महाराज का 35 वां दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। पटना सिटी स्थित गुरारा जैन मंदिर का पंच कल्याणक 14 से 20 अप्रैल तक संपन्न महाराज श्री के सान्निध्य में संपन्न होगा।
आज के कार्यक्रम में मीठापुर जैन समाज के विजय जैन, पंच कल्याणक संयोजक अशोक छाबड़ा, अध्यक्ष विमल जैन, विनोद पहाड़िया, पंच कल्याणक समिति के अन्य सदस्य संतोष जैन रारा तथा अन्य सैकड़ों महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे।

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