पटना जैन समाज ने संत शिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य परम पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज एवं मुनिश्री 108 अरह सागर जी महाराज का पाटलिपुत्र की भूमि पर भव्य स्वागत किया। जैन समाज के लोगों ने कहा कि वे मुनिश्री का स्वागत करके धन्य महसूस कर रहे हैं। स्वागत समिति के अजीत जैन, मुकेश जैन तथा सुरेंद्र जैन ने बताया कि मुनिश्री के पटना में मंगल प्रवेश के अवसर पर जैन समाज ने ओल्ड बाइपास पर बहादुरपुर में जुट कर स्वागत किया। मुनिश्री के स्वागत में बंगाल से राजस्थान तक की झांकी दिखाई दी।

जैन समाज के एमपी जैन ने बताया कि मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज आज दस वर्ष के बाद पटना पधारे। दस वर्षों के बाद पटना का सौभाग्य एक बार फिर जागा है। कांग्रेस मैदान के निकट भव्य जैन मंदिर उन्हीं की प्रेरणा से बना है। तब अपनी उपस्थिति में उन्होंने मंदिर का भूमि पूजन कराया था। 10 वर्ष के बाद उसी मंदिर में वे तीन दिनों तक श्रद्धालुओं को अपने प्रवचन से पुण्यलाभ कराएंगे।

आज ओल्ड बाइपास के बहादुर पुल के निकट पटना का समस्त जैन परिवार उनकी अगवानी के लिए सुबह सात बजे जमा हुआ। यहां से भव्य बाजे-गाजे के साथ मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज एवं मुनिश्री 108 अरह सागर जी महाराज को शोभा यात्रा के साथ कांग्रेस मैदान स्थित जैन मंदिर ले जाया गया। शोभायात्रा कॉमर्स कालेज होते हुए राजेन्द्र नगर पुल से लोहानीपुर के रास्ते होकर कांग्रेस मैदान जैन मंदिर पहुंची। यहां महाराजश्री का भव्य मंगल प्रवेश मंदिरजी में हुआ। इसके बाद मुनिश्री का प्रवचन हुआ। शाम छह बजे से शंका समाधान का कार्यक्रम होगा। अगले दिन 9 अप्रैल को सुबह 9 बजे महाराज जी का प्रवचन होगा तथा शाम को फिर शंका समाधान का कार्यक्रम होगा। रविवार 10 अप्रैल को प्रातः छह बजे से मूल नायक भगवान पार्श्वनाथ का 108 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात महाराज श्री शांति-धारा अपने मुखारबिंद से कराएंगे। इसके बाद मुनिश्री का प्रवचन होगा

इसी दिन संध्या मीठापुर जैन मंदिर के लिए विहार करेंगे। मुनि महाराज के साथ पंडित सुदर्शन जैन, ब्रह्मचारी संजय जी तथा ब्रह्मचारी अभय जी भी हैं, जो धार्मिक अनुष्ठान तथा शंका समाधान कार्यक्रम में सहयोग करते हैं। पटना के कार्यक्रम के लिए मध्य प्रदेश से पंडित राजेश जी भी पधारे हैं।
10 साल बाद जागा पटना का सौभाग्य, मुनिश्री प्रमाण सागर जी का मंगल प्रवेश







