आज मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बिहार दलित विकास समिति , रुकुनपुरा , पटना में रहने वाले सभी बच्चों एवं बच्चियों के बीच स्टेशनरी का सामान , टोपी एवं कंबल दिया गया

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समिति , एच•आर•डी डिपार्टमेंट , बिहार

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समिति , एच•आर•डी डिपार्टमेंट , बिहार द्वारा आज मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बिहार दलित विकास समिति , रुकुनपुरा , पटना में रहने वाले सभी बच्चों एवं बच्चियों के बीच स्टेशनरी का सामान , टोपी एवं कंबल दिया गया । मौक़े पर अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि मानवाधिकार का मतलब मनुष्यों को वह सभी अधिकार देना जो व्यक्ति के जीवन , स्वतंत्रता , समानता एवं प्रतिष्ठा से जुड़े हुए है । अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस एक वैश्विक उत्सव है जो मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और जश्न मनाने के लिए समर्पित है, जिसके सभी व्यक्ति अपनी राष्ट्रीयता, लिंग, जाति, धर्म या पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हकदार हैं। यह मानवाधिकारों को बनाए रखने और सामाजिक न्याय और समानता से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के महत्व की याद दिलाता है।
समाजसेवी एम पी जैन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस एक वार्षिक कार्यक्रम है जो 10 दिसंबर, 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा (यूडीएचआर) को अपनाने की याद दिलाता है। यूडीएचआर एक मील का पत्थर दस्तावेज है जो मानव अधिकारों के बुनियादी सिद्धांतों को रेखांकित करता है, जिसमें शामिल हैं जीवन, स्वतंत्रता और व्यक्ति की सुरक्षा का अधिकार। मौके प्रिंस राज मिश्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है। यह मानवाधिकारों को बढ़ावा देने में हुई प्रगति को प्रतिबिंबित करने और मौजूदा चुनौतियों को उजागर करने के लिए एक दिन के रूप में कार्य करता है। यह दिन मानवाधिकारों की रक्षा और वकालत के लिए अथक प्रयास करने वाले व्यक्तियों और संगठनों का भी सम्मान करता है।
मौके पर बिहार दलित विकास समिति के फादर जोस एवं फादर कलापुरा ने भी अपने विचार व्यक्त किया। मौके पर राकेश कुमार , मुनेश्वर जैन , प्रिंस राज मिश्रा , राकेश पराशर , धर्मराज केशरी , दुर्गा राय एवं स्कूल के शिक्षककर्मियो ने भाग लिया ।

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Author: undekhilive

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