ऋषिकुलम विद्याबोधि के वार्षिकोत्सव में दिखा प्रतिभा, परंपरा और प्रेरणा का संगम

पटना। कंकड़बाग स्थित ऋषिकुलम विद्याबोधि स्कूल का वार्षिक समारोह ‘सरगम’ प्रेमचंद रंगशाला में उल्लास के साथ मनाया गया। इसमें शिक्षा और संस्कारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पियानो वादक निर्मल अगस्त्य ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वर्ष 2014 में स्थापित विद्यालय ने अल्प समय में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इस भव्य आयोजन में उसी समर्पण, अनुशासन और सृजनशीलता की स्पष्ट झलक दिखाई दी। दो सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने मंच पर अपनी प्रस्तुति देकर ‘सरगम’ को सचमुच सुरों, रंगों और भावनाओं का उत्सव बना दिया। विद्यालय के चेयरमैन ऋषिकेश कुमार ने अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही यह आयोजन बेहतर हो पाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है बल्कि नैतिक मूल्यों और संस्कारों से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। डायरेक्टर सह प्रिंसिपल अदिति जी ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और पाठयक्रम गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलमय गणेश वंदना से हुई, जिसने वातावरण को भक्तिमय और गरिमामय बना दिया। इसके पश्चात पारंपरिक लोक संस्कृति का सजीव प्रदर्शन करता झिझिया नृत्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। बिहार गीत एइसन आपन बिहार…ने क्षेत्रीय अस्मिता और गौरव की भावना को सजीव कर दिया। शिक्षिकाओं के ग्रुप डांस ने मंच पर ऊर्जा और आत्मीयता का रंग भरा। विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत एजुकेशनल प्ले ने सामाजिक सरोकारों और नैतिक संदेशों को प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से दर्शकों के हृदय तक पहुंचाया। विशेष प्रस्तुति के रूप में सांस्कृतिक नृत्य में देश के विभिन्न राज्यों की लोक परंपराओं की झलक दिखाई गई मानो विविधता में एकता का सजीव चित्र सामने आ गया हो। कार्यक्रम का समापन भव्य ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने एक साथ मंच साझा कर उत्साह और सामूहिकता का संदेश दिया।

पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिकाओं संगीता मौर्या और अकंखा कुंडु ने अत्यंत प्रभावी, सहज और भावपूर्ण शैली में किया। उनकी सुस्पष्ट वाणी, आत्मविश्वास और मंच संयोजन ने कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की तथा प्रत्येक प्रस्तुति को एक सूत्र में पिरोकर ‘सरगम’ को वास्तविक अर्थों में सुरों की माला बना दिया। तालियों की गूंज, अभिभावकों की संतुष्टि और बच्चों के चेहरों पर चमकती मुस्कान ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। विद्यालय परिवार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी शिक्षा और संस्कारों की इस अलख को निरंतर प्रज्ज्वलित रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिकाओं साइना चंद्रा, काजल, श्रुति श्री, अंजलि तिवारी, शिल्पी, वंदना, प्रिया, खुशबू, शालिनि सिन्हा, नंदिनी प्रसाद, संगीता मौर्या, शिप्रा सिन्हा, रीता सिन्हा, भावना, अकंखा कुंडु और चंदन कुमार का खास योगदान रहा।

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Author: undekhilive

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