सम्यक न्यूज़, पटना.
जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर की जन्मभूमि कुंडलपुर नंद्यावर्त महल तीर्थ में कुंडलपुर महोत्सव के पोस्टर का विमोचन कल बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने किया. महोत्सव समिति के मंत्री एवं प्रमुख विजय कुमार जैन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के द्वारा भगवान महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर कुंडलपुर महोत्सव का आयोजन किया जाता है. जैन शास्त्रों के अनुसार चैत्र शुक्ला त्रयोदशी के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में भगवान महावीर का जन्म कुंडलपुर के महाराजा सिद्धार्थ की महारानी त्रिशला देवी के गर्भ से नंद्यावर्त महल में हुआ था. उन्होंने जैन धर्म एवं अहिंसा के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया एवं अहिंसा परमो धर्म का नारा दिया जो आज भी संपूर्ण विश्व में सर्वोदय सिद्धांत के रूप में प्रचलित है. कुंडलपुर में जन्म लेकर भगवान महावीर ने सारे देश में जियो और जीने दो का संदेश दिया. आज जैन धर्मावलंबी सारे विश्व में इस दिन को अहिंसा दिवस एवं भगवान महावीर जयंती के रूप में मनाते हैं
समिति के प्रमुख श्री जैन ने बताया कि भगवान महावीर जन्म जयंती जैन समाज के अंदर पूरे विश्व में हर्षोल्लासपूर्वक मनाते हैं . इस अवसर पर भगवान की रथ यात्रा महामस्तिकाभिषेक एवं अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जाते हैं. इसी क्रम में कुंडलपुर तीर्थ पर नंद्यावर्त महल परिसर में पर्यटन विभाग के द्वारा कुंडलपुर महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है. इसमें प्रातः से रात्रि तक अनेक कार्यक्रमों के द्वारा भगवान महावीर के सर्वोदय सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जाता है. रथ यात्रा के माध्यम से नालंदा खंडहर भगवान महावीर की रथ यात्रा हर्षोल्लास पूर्वक बैंड बाजे के साथ भक्ति नृत्य एवं जय जयकारों के साथ निकाली जाती है।
बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कुंडलपुर महोत्सव को अपनी शुभकामना दी. उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांतों की आज सबसे ज्यादा आवश्यकता है क्योंकि प्राणी मात्र के लिए जियो और जीने दो सबसे आवश्यक संदेश है. इस संदेश को यदि हम अपने जीवन में उतार ले तो अपने जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आ जाएगा. भगवान महावीर के संदेश से जन जन का कल्याण की भावना व्यक्त की एवं भगवान महावीर के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए.
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