जैनधर्म की पहली साध्वी, जिन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से किया सम्मानित

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कल राष्ट्रपति भवन में जैन धर्म की पहली महिला आचार्य, आचार्यश्री चंदना जी को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। वे यह सम्मान पानेवाली जैन धर्म की पहली साध्वी हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सम्मान पानेवाली अन्य हस्तियां मौजूद थीं। उन्हें यह सम्मान समाजसेवा श्रेणी में दिया गया। समाजसेवा उनके कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, पर वे सिर्फ समाजसेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सबसे बढ़कर वे नया आदमी तैयार कर रही हैं। विश्व-मैत्री, विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं।

पटना जैन संघ के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि आचार्यश्री को मिला यह सम्मान उनके 65 वर्षों से जारी अनवरत सेवा का सम्मान है। हम चाहेंगे कि उन्हें पद्मविभूषण से भी सम्मानित किया जाए। प्रदीप जैन ने कहा कि आचार्यश्री चंदना जी देश की पहली जैन साध्वी हैं, जिनके सेवा कार्यों को देश ने सम्मानित किया। जब भी कोई वीरायतन के आई-हास्पिटल में आकर इलाज के बाद रोग-शोक से मुक्त होता है, तो उसके बाद आचार्यश्री उसे अपना संदेश देती हैं। वे कहती हैं कि आपको आंखों की रोशनी ही नहीं मिली है, एक नया जीवन भी मिला है। अब एक नई जीवन दृष्टि के साथ आगे का जीवन बिताएं । वे बताती हैं कि कैसे आप सुंदर जीवन जिएं। पड़ोंसियों के प्रति किस प्रकार सद्भाव रखें यह सब बताती हैं। इस तरह वे भगवान महावीर की दृष्टि देकर नया आदमी बना रही हैं। उन्होंने ऐसी टीम बनाई है, जिससे उनका यह अभियान हमेशा जारी रहेगा। प्रदीप जैन ने आचार्यश्री के चरणों में भावनांजलि अर्पित की।

आचार्यश्री चंदना जी का 26 जनवरी 1937 को महाराष्ट्र के अहमदनगर में कटारिया जैन परिवार में उनका जन्म हुआ। उन्होंने 1972 में वीरायतन, राजगीर की स्थापना की।

रामायण मन्दिर हेतु मुस्लिम परिवार ने करोड़ों की जमीन दान दी

undekhilive
Author: undekhilive

Leave a Comment