जैन धर्म की पहली महिला आचार्य पद्मश्री आचार्य चंदना जी ने यूक्रेन की स्थिति पर चिंता जताते हुए तत्काल युद्ध बंद करने की अपील की। कहा कि विश्व को आज युद्ध की नहीं, भगवान महावीर की मैत्री की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे प्रार्थना करती हैं कि सबको सद्बुद्धि मिले।
एक्का मणुस्सजाई अर्थात सारी मानव जाति एक है। भगवान महावीर के विश्व दृष्टिकोण से ही विश्व कल्याण होगा। युद्ध से किसी समस्या का हल नहीं होता, बल्कि युद्ध खुद ही समस्या बन जाती है।
भगवान महावीर की दो शिक्षाएं आज ज्यादा प्रासंगिक हैं- अहिंसा और मैत्री। हिंसा से सिर्फ उसी का नुकसान नहीं होता, जिस पर हिंसा हुई, बल्कि हिंसा करनेवाला भी प्रकारांतर से इसके दुष्प्रभावों का शिकार होता है। दो देश लड़ते हैं, तो सिर्फ दो देश तबाह नहीं होते, बल्कि पूरी मानवजाति प्रभावित होती है। इसके विपरीत भगवान महावीर की मैत्री पूरी दुनिया को खूबसूरत बनाती है, सबका कल्याण करती है।
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