पटना। शास्त्रीय संगीत को युगों-युगों से हर तरह की संगीत पद्धति का आधार माना गया है। पटना में शास्त्रीय संगीत के प्रचार के लिए शास्त्रीय संगीत के कलाकार तथा उनके शिष्यों ने मिलकर “बैठक” की शुरुआत की है। इसका 10वां भाग 22 मई को बाल्डविन अकादमी के परिसर में हुआ। डॉ. नीरा चौधरी की शिष्या अर्चना भारती राग पुरियाधनाश्री से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं तबला संगत में शांतनु रॉय तथा हारमोनियम संगत में विभाष मिस्र ने सहयोग किया।

अमृतांशु दत्ता राग किरवानी की धुन को अनोखे अंदाज में छेड़ा और उनके साथ तबला की गूंज से तालांजय ठाकुर ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम में स्व. डॉ. दीपाली बनर्जी (सितार वादक) को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का संचालन सुधाकर जी ने किया।





