मुरादपुर दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान शांतिनाथ के जन्म कल्याणक की रही धूम…पढ़ें 16वें तीर्थंकर का इतिहास

पटना। मुरादपुर दिगम्बर जैन मंदिर में जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म तप और मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भगवान जी का अभिषेक किया गया। सम्मलित रूप से शांतिधारा की गई।

शांतिधारा के बाद पूजा की गई तथा मोक्ष कल्याणक पर लाडू चढ़ाया गया। अभिषेक प्रदीप पहाड़िया, सुशील गंगवाल, सुनील गंगवाल, प्रदीप गंगवाल, अनिल गंगवाल, सुशील जैन एवं सुबोध जैन फंटी एवं अन्य ने किया। भगवान की शांतिनाथ के मोझ कल्याण दिवस पर निर्माण लाडू भी चढ़ाया गया। पूजा में सामूहिक रूप से सारिका पहाड़िया,अनिता गंगवाल, मीना गंगवाल, बबीता छाबड़ा, अंजू गंगवाल, मीना सेठी, कांता गंगवाल आदि महिलाओ ने सामूहिक पूजा अर्चना की और निर्माण लाडू चढ़ाया।

एमपी जैन ने बताया कि जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान का जन्म, वैराग्य और मोक्ष एक ही दिन/तिथि ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन को हुआ था। उनके पिता का नाम विश्वसेन था, जो हस्तिनापुर के राजा थे और माता का नाम महारानी ऐरा था। पिता की मृत्यु के बाद शांतिनाथ हस्तिनापुर के राजा बने। वैराग्य आने पर ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी को जैन धर्म की दीक्षा प्राप्त की ।12 माह की साधना के बाद शांतिनाथ ने केवल ज्ञान प्राप्त किया। भगवान शांतिनाथ ने ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन सम्मेद शिखर पर पार्थिव शरीर का त्याग किया।

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Author: undekhilive

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