रोहतास के तुतला भवानी जलप्रपात में आयी रौनक

सूखे झरने से जब गिरना शुरू हुआ पानी तो पर्यटकों के कैमरे चमकने लगे

सम्यक न्यूज़, पटना.

रोहतास के प्रसिद्ध तुतला भवानी वाटर फॉल (जलप्रपात) में आठ महीने बाद रौनक लौट आई है। तुतला माता मंदिर के ठीक ऊपर से गिरता झरना यहां की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। मौसमी झरने में पानी बढ़ने के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचने लगे हैं। जैसे ही वाटर फॉल से पानी गिरना शुरू हुआ लोग रोमांचित हो उठे और उस दृश्य को मोबाइल कैमरे से शूट करने लगे. पर्यटक राजीव एवं शानू ने बताया कि बिहार में ऐसा अद्भुत पर्यटन स्थल है. हमने नहीं सोचा था। यहां आना जबरदस्त अनुभव है। यहां का प्राकृतिक दृश्य अद्भुत है। चारों ओर पहाड़, हरियाली और बीच में झरना, अहा- ग्रेट एक्सपेरिंयस रहा. बहुत मजा आया।

बरसात अच्छी होने पर इस वाटर फॉल से आठ महीने बाद पानी गिरना शुरू हो गया है। बारिश के बाद यह वाटर फॉल चालू हो जाता है।  तिलौथू निवासी वैभव सिंह ने बताया कि तुतला माता के मंदिर के ठीक ऊपर से गिरता झरना यहां की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इस झरने का पानी दो पहाड़ी के बीच से होकर गिरता है। यह झरना बहुत ही विशाल और अदभुत है। भारी बारिश के मौसम में इस झरने के नीचे नहीं जा सकते हैं। बहुत ही वेग में पहाड़ी पर से पानी इस झरने के नीचे बने कुंड में गिरता है। कैमूर वन्य आश्रयणी प्रबंधन योजना के तहत लगभग 28 लाख रुपये की लागत से कैमूर पहाड़ी की गोद में बसे अनुमंडल क्षेत्र के प्राचीन तुतला भवानी धाम को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा बाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट में निर्मित झूले की तर्ज पर यहां भी हैंगिग ब्रिज का निर्माण किया गया है। हैंगिग ब्रिज का निर्माण वाटर फॉल होकर गुजरने वाले रास्ते पर किया गया है। साथ ही तुतला भवानी धाम तक जाने के रास्ते को ऑल वेदर रोड निर्माण भी किया गया है ताकि बरसात के मौसम में भी पर्यटक आराम से वहां जाकर वाटर फॉल का आनंद उठा सकें.

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Author: undekhilive

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