सम्यक न्यूज़, पटना.
दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित 12 जनपथ बंगला अब देश के निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का निवास होगा। इससे पहले करीब 32 वर्षों तक रामविलास पासवान इसी बंगले में रहे थे। इसका बिहार और “राम” कनेक्शन बना रह गया। इसे महज संयोग ही कहा जाएगा कि जहां 32 वर्षों तक यह बंगला “राम”विलास पासवान” का आवास था, अब वहां दूसरे “राम”नाथ निवास करेंगे।
बात हो रही है दिल्ली के लुटियंस जोन (Lutyens’ Zone) के 12 जनपथ बंगले की. करीब 32 वर्षों से दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का आवास रह चुका ये बंगला पूरी साज-सज्जा के बाद अब भारत के निवर्तमान महामहिम रामनाथ कोविंद का दिल्ली में आवासीय ठिकाना बन गया है. श्री कोविंद आज राष्ट्रपति भवन से औपचारिक विदाई के बाद 12 जनपथ बंगले में पहुँच चुके हैं. एक और खास बात यह कि यह बंगला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी के पड़ोस में है।

लुटियंस जोन के सबसे बड़े बंगले में से एक 12 जनपथ एक तरह से रामविiलास पासवान की पहचान बन चुकी थी। इसकी दीवार और सोनिया गांधी के आवास की दीवारें सटी हुई हैं। सरकारें बदलती गईं लेकिन, रामविलास पासवान इस बंगले में ही रहे। वे प्राय: हर सरकार में केंद्रीय मंत्री हुए। उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता से चिढ़कर लालू यादव उन्हें “मौसम वैज्ञानिक” कहते थे. केंद्र में सरकार किसी की बने, रामविलास पासवान का मंत्री पद सुरक्षित रहता था. 2020 में उनके निधन के बाद बंगला खाली कराने की कवायद शुरू हुई तो राजनीति भी खूब हुई। यह बंगला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित किया गया लेकिन तय समय तक खाली नहीं होने के कारण वे इसमें शिफ्ट नहीं हो सके।

स्व. रामविलास पासवान के पुत्र और जमुई के सांसद चिराग पासवान ने इस बंगले को पिता का स्मृतिस्थल बनाने की मांग की थी। उनकी प्रतिमा भी स्थापित कराई थी। लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार के मुखिया नरेन्द्र मोदी इस संस्कृति के सदैव खिलाफ रहे हैं. अंततः सरकार ने यह बंगला खाली कराया। बंगला खाली कराए जाने के तरीके पर चिराग पासवान ने आपत्ति भी जताई थी लेकिन सरकार के कड़े रुख के आगे मन मसोस कर उन्होंने बंगला खली कर दिया. अब यह बंगला रामनाथ कोविंद के नाम पर आवंटित किया गया है. इस बंगले से बिहार का एक और खास कनेक्शन है और इसका बिहार कनेक्शन जुड़ा ही रह गया है क्योंकि देश के निवर्तमान महामहिम रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं।
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