कलियुग में भी हैं श्रवण कुमार
सम्यक न्यूज़, पटना.
श्रावणी मेले की शुरुआत होते ही केसरिया वस्त्रधारी भक्तों से कांवरिया पथ पट चुका है. सुल्तानगंज से बाबानगरी देवघर की ओर निकले कांवरियों का जत्था बोल-बम के जयकारे के साथ चलता दिखाई देने लगा है . इस बीच एक कांवर ऐसा है जिसपर जाकर सबकी निगाहें रुक रही हैं बिहार के जहानाबाद के रहनेवाले कलियुग के श्रवण कुमार चन्दन प्रसाद पर. एक बेटा बहंगी पर अपने माता-पिता को बैठाकर निकल पड़े हैं बाबानगरी के लिए. उनकी पत्नी भी इसमें बराबर उनका साथ दे रही हैं.
जहानाबाद के चंदन प्रसाद अपने कंधे पर एक लंबी बहंगी लेकर चल रहे हैं और उनके साथ इस बहंगी को दूसरे छोर से उनकी पत्नी रानी देवी ने थामा है. इस बहंगी के दोनों छोर पर दो डाले टांगे गये हैं जिसमें सामने वाले डाले पर चंदन के पिता तो पीछे वाले डाले पर उनकी मां बैठी रहती हैं. चंदन और उनकी पत्नी दोनों को लेकर बाबाधाम जा रहे हैं और पूरी यात्रा को पैदल ही तय करने वाले हैं.
संयुक्त परिवार के बिखरने से घर के बड़े-बुज़र्गों की देखभाल से मुंह चुरानेवाली या अपनी जिम्मेदारी से लापरवाह नयी पीढ़ी को चन्दन प्रसाद अपनी इस यात्रा से मौन सन्देश भी दे रहे हैं. जहानाबाद के रहने वाले चंदन और उनकी पत्नी पर जिसकी भी नजर पड़ती है, वो वहीं थोड़ी देर के लिए रूक जाता है. चाहे दुकानदार हों या साथ चलते कांवरिये या फिर पुलिसकर्मी- सभी फौरन अपनी मोबाइल में ये दृश्य कैद करने लगते हैं. वे चंदन की मदद भी करते हैं और “कलियुग के श्रवण भगवान” की जय का नारा लगाना शुरू कर देते हैं. चंदन व रानी देवी को उनके बच्चे भी मदद करते दिखते हैं. पति-पत्नी का उत्साह चरम पर है और इस कठिन तपस्या को सेवा भाव से पूरा कर रहे हैं.
कलियुग में अपने माता-पिता को बहंगी पर बैठाकर 105 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा करने वाले चंदन कुमार ने बताया कि वो घर पर अक्सर सत्यनारायण भगवान की पूजा कराते रहते हैं. अचानक उनके अंदर एक विचार आया कि वो अपने माता-पिता को कंधे पर लेकर बाबाधाम देवघर जाएंगे. इसकी जानकारी उन्होंने गांव के कुछ लोगों को भी दी. ग्रामीणों ने उनसे फिर सोचने को कहा लेकिन चंदन अड़े रहे. माता-पिता को जानकारी मिली तो वो चौंके और मना किया. लेकिन ग्रामीणों ने भी चंदन की बात मान लेने को कहा तो राजी हुए और ये यात्रा शुरू हुई. बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद और अपने दृढ़संकल्प से चन्दन प्रसाद की मनोकामना पूरी होगी- ऐसा विश्वास हर शिवभक्त का होगा ही.
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