सम्यक न्यूज़, पटना.
महावीर वात्सल्य अस्पताल, पटना में कुशल डॉक्टरों के इलाज से दुर्लभ ह्रदय रोग (एमआइएससी) से ग्रस्त मात्र पंद्रह दिन का नवजात इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट गया. अस्पताल के नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ (मेजर) प्रभात कुमार ने बताया कि दरभंगा जिले की शबनम परवीन कोविड के दूसरी लहर में संक्रमित हुई थी। एक माह पूर्व उसने बेटे को जन्म दिया। उसकी धड़कनें काफी तेज चल रही थीं। सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद पंद्रह दिन का नवजात महावीर वात्सल्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत काफी गंभीर थी। उसे कृत्रिम सांस प्रणाली वेंटिलेटर पर रखा गया। जांच के बाद उसका कोविड एंटीबॉडी पॉजिटिव पाया गया।

डॉ कुमार ने बताया कि बच्चे में एमआइएससी ग्रस्त होने के लक्षण पाए गए। इतने छोटे बच्चे में यह दुर्लभ मामला है। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डीसी शॉक देकर उसके हृदय की अत्यधिक तेज धड़कन को नियंत्रित किया गया। पंद्रह दिनों तक महावीर वात्सल्य अस्पताल के शिशु रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की गहन निगरानी में सतत इलाज हुआ। बच्चा अब स्वस्थ हो गया है। डॉ प्रभात ने बताया कि बच्चा अब मां का दूध भी पी रहा है। मंगलवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इलाज करने वाली मेडिकल टीम में महावीर वात्सल्य अस्पताल के शिशु रोग विभाग के हेड डॉ बिनय रंजन, डॉ प्राची, डॉ चंदन, डॉ विवेक पांडेय, डॉ रणदीप, डॉ अमित आदि शामिल हैं। महावीर वात्सल्य अस्पताल के निदेशक डॉ एस एन सिन्हा ने इतने जटिल और नाजुक केस में पंद्रह दिन के नवजात को खतरे से निकालकर स्वस्थ करने के लिए अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है।
जनकसुता जग जननी जानकी अतिसय प्रिय करुनानिधान की





